8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने हाल ही में अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों का DA 53% से बढ़कर 55% हो गया है। महंगाई भत्ता हर 6 महीने में संशोधित किया जाता है, जिससे वेतन के अन्य हिस्सों जैसे हाउस रेंट अलाउंस और ट्रैवल अलाउंस में भी बढ़ोतरी होती है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जनवरी और फरवरी 2025 के लिए बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता बकाया राशि के रूप में मिलेगा, जबकि मार्च 2025 के वेतन से नया DA लागू होगा।
आखिरी DA संशोधन और 8वें वेतन आयोग की घोषणा
महंगाई भत्ते की अगली समीक्षा नवंबर 2025 में होगी, जो जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। यह 7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम DA संशोधन होगा, क्योंकि सरकार ने जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को लागू करने की घोषणा कर दी है। DA वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो महंगाई के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनवरी में घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। हालांकि, केंद्रीय बजट 2025-26 के दस्तावेजों में 8वें वेतन आयोग के लिए सरकार द्वारा उठाए जाने वाले खर्चों का कोई उल्लेख नहीं था।
फिटमेंट फैक्टर और इसका महत्व
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक है जिसका उपयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों की संशोधित मूल वेतन की गणना के लिए किया जाता है। 7वें वेतन आयोग ने सभी कर्मचारियों के लिए समान रूप से 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया था, जबकि छठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.86 था।
विशेषज्ञों का मानना है कि 8वां वेतन आयोग 2.28 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश कर सकता है, जिससे कर्मचारियों के मूल वेतन में 40-50 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। यह ध्यान देने योग्य है कि फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी के मूल वेतन पर लागू होता है, कुल वेतन पर नहीं।
8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ेगी सैलरी
ET NOW की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग में सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में काफी वृद्धि हो सकती है। यह वृद्धि फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी के कारण होगी।
टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है और पेंशन में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा, “न्यूनतम मूल वेतन 40,000 रुपये से अधिक होने की उम्मीद है, साथ ही भत्ते, लाभ और प्रदर्शन आधारित वेतन में भी वृद्धि की संभावना है।”
उदाहरण के लिए, वर्तमान में 20,000 रुपये का मूल वेतन पाने वाला कर्मचारी अपने वेतन में 46,600 रुपये से 57,200 रुपये के बीच की वृद्धि देख सकता है।
8वें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते का निर्धारण
अभी तक सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते की गणना किस आधार पर की जाएगी। वर्तमान में, यह अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-औद्योगिक कर्मचारी (AICPI-IW) के आधार पर निर्धारित किया जाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि 8वें वेतन आयोग में DA के नए सूत्र में कोई परिवर्तन किया जाता है या नहीं।
नए फिटमेंट फैक्टर से वेतन गणना
यदि 8वां वेतन आयोग 2.86 के फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है, तो सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगा। यह गणना एक सरल सूत्र – 2.86 × वर्तमान मूल वेतन का उपयोग करके की जाती है।
2.86 फिटमेंट फैक्टर होने पर न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 36,000 रुपये हो जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह वृद्धि बड़ी राहत है, क्योंकि इससे उनके वेतन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और महंगाई का बोझ कुछ कम होगा।
अस्वीकरण
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम और सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं और घोषणाओं का संदर्भ लें।